राणा सांगा विवाद में सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर हुए हमले को सपा दलित विमर्श से जोड़ने की जुगत में लगी है. गुरुवार को पार्टी नेताओं के बयान ने इस मुद्दे को एक दूसरा ही रूप दे दिया.

16वीं सदी के राजपूत राजा राणा सांगा पर समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. राजपूत समाज की नाराजगी, बयान देने वाले नेता का विरोध, सांसद के घर पर हमले के बाद अब इस मामले में सियासी तड़का लगने लगा है. गुरुवार को सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से मिलकर सुरक्षा की मांग की. इधर उनकी पार्टी सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर हुए हमले को दलित विमर्श से जोड़ने की कोशिश जुटी है. जिसका भाजपा ने करारा जवाब दिया है. दरअसल गुरुवार को सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा- मैंने कुछ गलत नहीं बोला है, मैं माफी नहीं मांगूंगा और अपने बयान पर कायम हूं. इधर रामजी लाल सुमन के घर पर हुए हमले के बाद सपा नेता राम गोपाल यादव उनके घर आगरा पहुंचे. उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए इस मुद्दे को दलित राजनीति से जोड़ा. PlayUnmute
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रामगोपाल यादव बोले- दलित न होते तो उनपर ये हमला नहीं होता
रामगोपाल यादव ने कहा- प्रदर्शनकारी लाठी-डंडे, तलवार लेकर आए. उसके बाद उन्हें रोका नहीं गया. अगर रामजी लाल दलित न होते हो उनपर ये हमला नहीं होता. सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा यह पूरे दलितों का अपमान है जो कत्तई बर्दाशत नहीं की जाएगी.
पीडीए के जरिए अखिलेश यादव ने दलित विमर्श का मुद्दा बनाया
अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पोस्ट पर इस हमले को पीडीए से जोड़ा. जाहिर है, समाजवादी पार्टी राणा सांगा विमर्श को दलित विमर्श में बदलने की कोशिश कर रही है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा- समाज को खंडित करने की सोच रखनेवाले लोग ही बाबासाहेब की प्रतिमा को खंडित कर रहे हैं. ये घोर निंदनीय और आपत्तिजनक है. दोषियों को तुरंत दंडित किया जाए. पीडीए के महापुरुषों और जन प्रतिनिधियों पर लगातार बढ़ते हमले बता रहे हैं कि प्रभुत्ववादी लोग, पीडीए की जागरूकता और एकता से बौखला गए हैं.
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भाजपा नेताओं ने दिया करारा जवाब
दूसरी ओर इस मामले में बीजेपी के नेताओं ने समाजवादी पार्टी को करारा जवाब दिया है. गोरखपुर सांसद भाजपा नेता रवि किशन ने कहा कि उकसाने वाले बयान से बचना चाहिए. आप कहेंगे तो जनता उग्र हो जाती है. भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेई ने कहा- दलित होने के कारण उनके घर पर हमला नहीं हुआ बल्कि राणा सांगा जैसे योद्दा के खिलाफ बोलने वालों के खिलाफ हमला हुआ.
दलित पर नहीं, राणा सांगा को विद्रोही बताने वाले पर हमलाः भाजपा
उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कहा, “अखिलेश जी को यह बात ध्यान रखनी चाहिए. उनका या उनके किसी कार्यकर्ता का कोई भी वाक्य भारत माता के विरुद्ध है तो उनको बोलने में संकोच करना चाहिए. राणा सांगा को गद्दार बताएंगे, देश का इतिहास झुठलायेंगे तो वह स्वाभाविक प्रक्रिया होगी. अगर उनके साथ कोई घटना घटती है तो दलित के साथ नहीं बल्कि राणा सांगा को विद्रोही बताने वाले के साथ घटना घटी है.