‘सिने चौरंगी’ की ‘एकल हब’ परियोजना
TEAM ASN. Nitin Gadkari ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खुशहाल जीवन के लिए घर, शिक्षा, रोजगार और संस्कार के साथ-साथ मनोरंजन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी जरूरी होती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ये सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘सिने चौरंगी’ की ‘एकल हब’ परियोजना शुरू की गई है, जिससे ग्रामीण समाज का ‘हैप्पी ह्यूमन इंडेक्स’ (सुखांक) बढ़ाने में मदद मिलेगी। शनिवार को Nagpur के MIHAN क्षेत्र में कै. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अभिनेता-निर्देशक Riteish Deshmukh और सिने चौरंगी परियोजना के संचालक अतुल शिरोडकर भी मौजूद थे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन और फीता काटकर ‘एकल हब’ का शुभारंभ किया।
ग्रामीण विकास में निभाएगा अहम भूमिका
नितिन गडकरी ने कहा कि सिने चौरंगी ज्ञान और मनोरंजन का एक इंटीग्रेटेड हब है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण समाज में मौजूद सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करना है।
उन्होंने बताया कि इस पहल को भविष्य में गांव-गांव तक पहुंचाने की योजना है, जिससे महिलाओं और युवाओं को कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार मार्गदर्शन के अवसर मिल सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन को गति मिलेगी।
मनोरंजन सुलभ और किफायती होना चाहिए – रितेश देशमुख
रितेश देशमुख ने कहा कि जब वे Latur में रहते थे, तब शिक्षा और मनोरंजन के लिए शहर जाना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि जैसे अन्य बुनियादी जरूरतें जरूरी होती हैं, वैसे ही मनोरंजन भी हर व्यक्ति के लिए सुलभ और किफायती होना चाहिए। ‘एकल हब’ परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
30 हजार छात्रों को मिल चुकी है शिक्षा
प्रस्तावना रखते हुए अतुल शिरोडकर ने बताया कि कै. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था पिछले 30 वर्षों से शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत है। संस्था ने विदर्भ के नक्सल प्रभावित इलाकों में करीब 30 हजार विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराया है, जिससे इन क्षेत्रों में ड्रॉप-आउट दर लगभग शून्य हो गई है। उन्होंने बताया कि ‘एकल हब’ परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र के करीब 1.5 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल ग्रामीण युवाओं के लिए शिक्षा, संस्कृति, मनोरंजन और रोजगार के अवसरों का संगम बनेगी।
ऐसा होगा ‘एकल हब’ प्रकल्प
इस परियोजना में कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:
- अत्याधुनिक तकनीक से लैस दो स्क्रीन वाला मिनी सिनेमा थिएटर
- एक स्क्रीन की क्षमता 125 सीट और दूसरी की 75 सीट
- शिक्षा केंद्र और छोटे व्यावसायिक स्थान
कार्यक्रम संचालन मॉडल:
- सुबह 7 से 11 बजे: स्वास्थ्य जागरूकता, कृषि प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास कार्यक्रम
- 11 से 6 बजे: परिवार के साथ देखी जा सकने वाली मराठी, हिंदी और अन्य क्षेत्रीय फिल्मों का प्रदर्शन
- शाम 6 से 10 बजे: नई और लोकप्रिय फिल्मों का प्राइम टाइम शो
इसमें विशेष रूप से मराठी फिल्मों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि ग्रामीण दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण सिनेमा का अनुभव मिल सके।
दूसरे चरण में 20 तालुकों तक विस्तार
परियोजना के दूसरे चरण में विदर्भ के अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गडचिरोली, गोंदिया, नागपुर और यवतमाल जिलों के करीब 20 तालुकों में ‘एकल हब’ स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद इसे पूरे महाराष्ट्र में विस्तार देने की योजना है।








