लोनार झील जलस्तर वृद्धि
क्या खतरा बढ़ रहा है?
डिजिटल डेस्क, NAGPUR महाराष्ट्र के बुलढाना में स्थित लोनार झील में अचानक जलस्तर में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार झील का पानी अब तक लगभग 15–20 फीट तक बढ़ चुका है, जिससे आसपास के प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक संरचनाएँ जलमग्न हो गई हैं। इस मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने याचिका दायर करने का निर्देश दिया है और संबंधित अधिकारियों से जांच कराने को कहा है।
क्या हुआ
- झील के किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर और कमलजा देवी मंदिर के आसपास के हिस्से पानी में डूब गए हैं।
- मंदिर के सामने स्थित एक दीपस्तंभ आधा पानी में डूब चुका है।
- स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों ने बताया कि झील के आसपास चार बड़े झरने हैं जो साल भर पानी बहाते हैं; इन्हीं झरनों को जलस्तर बढ़ने का संभावित कारण माना जा रहा है।
क्यों मंडरा रहा है खतरा
- लोनार झील खारे पानी की झील है; हाल के महीनों में ताजे पानी के लगातार मिलने से झील का खारापन घटने लगा है।
- खारापन घटने के कारण झील में पहले कभी न देखी गई मछलियों की उपस्थिति दर्ज की गई है, जो जैव विविधता के संतुलन के लिए चिंता का विषय है।
- पर्यावरणविद् चेतावनी दे रहे हैं कि यदि खारापन और घटा तो स्थानीय जैव विविधता और पारिस्थितिकी पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
जांच और कानूनी कार्रवाई
- नागपुर की बेंच के जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस राज वकोड़े ने इस मामले में याचिका दायर करने का आदेश दिया और एडवोकेट मोहित खजांची को सुनवाई के लिए निर्देशित किया।
- राज्य सरकार ने भी झील और आसपास के क्षेत्रों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं, परंतु अभी तक जलस्तर वृद्धि का ठोस कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
आगे क्या हो सकता है
- प्रशासन और वैज्ञानिकों को मिलकर जलस्तर वृद्धि के स्रोतों की पहचान करनी होगी—क्या यह प्राकृतिक प्रवाह, भूमिगत जल परिवर्तन, मानवीय हस्तक्षेप या अन्य कारणों से हो रहा है।
- तात्कालिक कदमों में प्रभावित मंदिरों और संरचनाओं की सुरक्षा, स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी व आवश्यक राहत उपाय, तथा जल‑गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग शामिल होनी चाहिए।
नोट: इस घटना से जुड़ी ताज़ा जानकारी और आधिकारिक बयानों के आधार पर आगे के अपडेट दिए जाएंगे।
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