TEAM ASN : ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने और नागपुर महानगरपालिका के 75वें वर्ष के गौरवपूर्ण अवसर पर गुरुवार को चिटणीस पार्क में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। नागपुर महानगरपालिका के करीब 5 हजार विद्यार्थियों ने एक सुर में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। हजारों विद्यार्थियों की एक साथ उठती आवाज से पूरा चिटणीस पार्क देशभक्ति के स्वरों से गूंज उठा। कार्यक्रम में नागपुर महानगरपालिका की महापौर नीता ठाकरे और महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपिन प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मान्यवरों के हाथों दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महापौर और आयुक्त ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता के संदेश पर प्रकाश डाला।
देश के भविष्य हैं विद्यार्थी : महापौर नीता ठाकरे
महापौर नीता ठाकरे ने विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों में देशभक्ति की भावना मजबूत होती है और उन्हें भविष्य में राष्ट्रहित में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि स्वराज हासिल करना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण स्वराज में सुराज को कायम रखना और देश को निरंतर प्रगतिशील बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आयोजन के माध्यम से यही भावना विद्यार्थियों और नागरिकों के मन में मजबूत होगी।
महापौर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के सबसे बड़े पर्वों में से एक है और इस अवसर पर प्रत्येक देशवासी के मन में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया। आज यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है।
महापौर ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति, उत्साह और अनुशासन की भी सराहना की। कार्यक्रम की संकल्पना, समन्वय और तैयारियों में नागपुर महानगरपालिका की शिक्षा सभापति संतोष देवी दीपक लढ्ढा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम से एक दिन पहले उन्होंने संबंधित अधिकारियों और शिक्षा विभाग की टीम के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा, विद्यार्थियों की भागीदारी और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर मार्गदर्शन किया था। कार्यक्रम का प्रस्तावना भाषण भी संतोष देवी दीपक लढ्ढा ने दिया। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम् हमारे लिए केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि हजारों विद्यार्थियों को एक सुर में ‘वंदे मातरम्’ का गायन करते देखना उनके लिए गर्व और भावुकता का क्षण है। महानगरपालिका के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, देशप्रेम और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देना भी शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
उन्होंने आगे कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और नागपुर महानगरपालिका के 75 वर्ष का यह ऐतिहासिक संगम सभी के लिए गर्व का विषय है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को देश के इतिहास से जोड़ने के साथ ही राष्ट्र के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है।
हजारों विद्यार्थियों ने एक सुर में गाया ‘वंदे मातरम्’
कार्यक्रम के दौरान करीब 5 हजार विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इस दौरान चिटणीस पार्क का वातावरण पूरी तरह देशभक्ति से ओतप्रोत हो गया। विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह और आंखों में राष्ट्र के प्रति गर्व साफ दिखाई दे रहा था।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, महानगरपालिका कर्मचारियों और आयोजन से जुड़ी पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षा अधिकारी वंदना महाजन ने आभार प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में नीता ठाकरे, डॉ. विपिन, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी वखरे, सत्ता पक्ष नेता नरेंद्र बोरकर, बंडू राऊत, संजय बालपांडे, डॉ. मेघना वासनकर, वंदना महाजन, सुभाष उपासे, डॉ. पीयूष अंबुलकर, धनश्री देशपांडे, ए.सी. बावनकर, वैशाली उदापूरकर, विद्या, वर्षा डोंगरे, मानसी, संजय चावरे और अंकित चौधरी सहित अनेक मान्यवर उपस्थित रहे।
शिक्षा सभापति संतोष देवी दीपक लढ्ढा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए महापौर नीता ठाकरे, आयुक्त डॉ. विपिन, सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विशेष रूप से महानगरपालिका के विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि नागपुर महानगरपालिका के जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों की सफलता है। “एक मंच, हजारों कंठ और एक ही भावना—भारत माता की जय… वंदे मातरम्!”










