TEAM ASN. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली LPG सब्सिडी को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब योजना के लाभार्थियों को साल में केवल 4 गैस सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी। इससे पहले यह संख्या 9 सिलेंडर थी। सरकार का कहना है कि यह फैसला लाभार्थियों की औसत गैस खपत और बढ़ते सब्सिडी खर्च को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खनूजा ने बताया कि सब्सिडी वाले सिलेंडरों की नई संख्या उज्ज्वला लाभार्थियों द्वारा एक वर्ष में औसतन उपयोग किए जाने वाले LPG सिलेंडरों के अनुरूप निर्धारित की गई है।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार का तर्क है कि अधिकांश उज्ज्वला लाभार्थी सालभर में सीमित संख्या में ही गैस सिलेंडरों का उपयोग करते हैं। ऐसे में सब्सिडी का लाभ वास्तविक खपत के अनुसार देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की बढ़ती कीमतों और सब्सिडी पर बढ़ते वित्तीय बोझ को भी इस फैसले की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
2022 में शुरू हुई थी LPG सब्सिडी
केंद्र सरकार ने मई 2022 में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर पर 200 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी शुरू की थी। यह राशि प्रत्येक रिफिल के बाद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती थी।
2023 में बढ़ाकर 300 रुपये की गई थी सब्सिडी
अक्टूबर 2023 में सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया था। इसके साथ ही 5 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडरों पर भी आनुपातिक लाभ दिया जाने लगा।
बढ़ती LPG कीमतों के बीच बड़ा फैसला
सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में कटौती ऐसे समय में की गई है जब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे लाखों गरीब और ग्रामीण परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि योजना के लाभार्थियों की औसत खपत को देखते हुए यह बदलाव किया गया है।






