TEAM ASN : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में करंट लगने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत के बाद बांसडीह विधानसभा की विधायक केतकी सिंह का सख्त रुख चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के बाद विधायक ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताते हुए संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) को कार्यालय से बाहर बुलाकर घटनास्थल तक साथ ले गईं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से लापरवाही के संबंध में जवाब भी मांगा।
करंट से पिता-पुत्र की मौत
जानकारी के अनुसार, बलिया जिले के टकरसन विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले सहपुरवा गांव में खेत में गिरा 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन बिजली का तार हादसे का कारण बना। करंट की चपेट में आने से जनार्दन यादव और उनके पुत्र जितेंद्र यादव की मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना से पहले बिजली विभाग को फोन कर हाईटेंशन तार गिरने की सूचना दी गई थी। परिजनों का कहना है कि विभाग की ओर से पहले वीडियो भेजने की बात कही गई और समय पर बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। उनका आरोप है कि यदि तत्काल लाइन बंद कर दी जाती, तो हादसे को टाला जा सकता था।
विधायक केतकी सिंह ने अधिकारियों से मांगा जवाब
घटना की सूचना मिलते ही विधायक केतकी सिंह मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद उन्होंने संबंधित जूनियर इंजीनियर को कार्यालय से बुलाकर घटनास्थल तक साथ ले गईं और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब विधायक केतकी सिंह ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले 15 जुलाई को रेवती पावर सब-स्टेशन में लगातार बिजली कटौती की शिकायत मिलने पर वह देर रात स्वयं सब-स्टेशन पहुंच गई थीं।उन्होंने आरोप लगाया था कि ड्यूटी पर मौजूद एक कर्मचारी नशे की हालत में था और कई अधिकारियों ने उनका फोन तक नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने मौके पर धरना दिया, जिसके बाद विभाग के अधिकारियों ने व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था।
निष्पक्ष जांच की मांग की
सहपुरवा हादसे के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।










