TEAM ASN: पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड माने जाने वाले हमजा बुरहान उर्फ अरजुमंद गुलजार डार की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में हत्या कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, यह हमला मुजफ्फराबाद के गोजरा इलाके में स्थित AIIMS कॉलेज के बाहर हुआ, जहां अज्ञात बंदूकधारियों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे और करीब पांच मिनट तक लगातार गोलियां चलाने के बाद मौके से फरार हो गए।
पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के अनुसार, हमजा बुरहान को कई गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। हालांकि, हमलावरों की पहचान को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
संवेदनशील माना जाता है गोजरा इलाका
मुजफ्फराबाद का गोजरा क्षेत्र पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की राजधानी के बाहरी हिस्से में स्थित है। यह इलाका पहाड़ी भूगोल, संकरी सड़कों और सीमित सुरक्षा निगरानी के कारण लंबे समय से संवेदनशील माना जाता रहा है। मुजफ्फराबाद लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के बेहद करीब स्थित है और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह क्षेत्र लंबे समय से पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों की गतिविधियों का केंद्र रहा है।
गोजरा इलाके में शैक्षणिक संस्थानों, रिहायशी क्षेत्रों और छोटे बाजारों का मिश्रण है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि PoK के ऐसे इलाकों का इस्तेमाल आतंकी नेटवर्क, लॉजिस्टिक सपोर्ट और गुप्त बैठकों के लिए किया जाता रहा है।
कॉलेज परिसर के बाहर हुआ हमला
सूत्रों के अनुसार, घटना के समय हमजा बुरहान कॉलेज परिसर के बाहर मौजूद था। तभी मोटरसाइकिल और कार में पहुंचे हमलावरों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने लगातार गोलियों की आवाजें सुनने के बाद इलाके में दहशत फैलने की बात कही।
बताया जा रहा है कि हमजा को कई गोलियां लगीं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को सील कर तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन हमलावर फरार होने में सफल रहे।
यहीं से चलाता था नेटवर्क
सूत्रों का दावा है कि मुजफ्फराबाद के गोजरा इलाके में स्थित इसी कार्यालय से हमजा बुरहान कथित तौर पर अल-बद्र से जुड़े ऑनलाइन प्रोपेगेंडा और भर्ती नेटवर्क को संचालित करता था। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन भी वह अपने दफ्तर में मौजूद था और बाहर निकलते ही हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया।
करीब पांच मिनट तक चली फायरिंग से पूरा इलाका दहल उठा। लोग डर के कारण दुकानों और घरों के अंदर छिप गए। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर तेजी से मौके से फरार हो गए, जबकि हमजा बुरहान सड़क पर ही पड़ा मिला।






