TEAM ASN :नागपुर, 20 जून 2026। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और तेजी से बदलती तकनीकों के कारण रोजगार और करियर की दुनिया में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसे समय में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल छात्रों को पहली नौकरी दिलाने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उन्हें जीवनभर आने वाले करियर परिवर्तनों और नई चुनौतियों के लिए तैयार करना भी जरूरी है। यह बात वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (WPU) गोवा के ओपन हाउस कार्यक्रम में प्रमुखता से सामने आई।
इस कार्यक्रम में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया और उच्च शिक्षा के बदलते स्वरूप तथा भविष्य की जरूरतों पर चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य विषय WPU Goa का ट्रांसडिसिप्लिनरी शिक्षा मॉडल रहा, जिसका उद्देश्य छात्रों को किसी एक विषय तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों की समझ विकसित करना है।
WPU Goa के कुलपति प्रोफेसर वाल्टर लियल ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को गहन विषय ज्ञान के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में सोचने, बदलावों को अपनाने और वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने के लिए तैयार करना है। उन्होंने बताया कि उद्योगों से जुड़ाव, वैश्विक अनुभव और सक्रिय शिक्षण पद्धति के माध्यम से छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाया जाएगा।
वहीं, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. आशीष भारद्वाज ने कहा कि आज विश्वविद्यालयों को केवल पहली नौकरी के लिए छात्रों को तैयार करने के बजाय उन्हें जीवनभर सीखने और बदलती परिस्थितियों में खुद को ढालने की क्षमता प्रदान करनी होगी। उनके अनुसार, भविष्य उन लोगों का होगा जो लगातार सीखने, विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञान को जोड़ने और जटिल समस्याओं का समाधान निकालने में सक्षम होंगे। चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि तकनीकी बदलावों की गति पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से कहीं अधिक तेज हो चुकी है। नई नौकरियां लगातार उभर रही हैं, जबकि कई पारंपरिक भूमिकाएं बदल रही हैं। ऐसे में बहु-विषयक ज्ञान और अनुकूलन क्षमता रखने वाले युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने माना कि आने वाले समय में केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि जिज्ञासा, लचीलापन और आजीवन सीखने की क्षमता भी सफलता के महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। उच्च शिक्षा संस्थानों को उन अवसरों के लिए छात्रों को तैयार करना होगा, जिनकी अभी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
WPU Goa वर्तमान में बी.टेक (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग), बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (ऑनर्स), बी.डिज़ाइन (इंटीग्रेटेड प्रोडक्ट डिजाइन), बी.डिज़ाइन (कम्युनिकेशन डिजाइन) और बी.एससी. (ऑनर्स) साइकोलॉजी जैसे पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की अनिश्चितताओं के बीच उच्च शिक्षा का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि छात्रों को निरंतर बदलती पेशेवर दुनिया में सफलतापूर्वक आगे बढ़ने के लिए तैयार करना होना चाहिए।









